राशन कार्ड के नए नियम क्यों लागू किए गए हैं?
देशभर में राशन कार्ड धारकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खाद्य सुरक्षा मंत्रालय के तहत राशन कार्ड के नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों को ही राशन का लाभ देना है और अपात्र लोगों को इससे बाहर करना है।
राशन कार्ड धारकों के लिए नए नियम क्या हैं?
सरकार ने 2025 की शुरुआत में ही राशन कार्ड नियमों को संशोधित किया है, जिससे कई पुराने नियमों में बदलाव किए गए हैं और कुछ नए नियम जोड़े गए हैं।
- राशन कार्ड के लिए KYC अनिवार्य – बिना KYC वाले राशन कार्ड निष्क्रिय कर दिए जाएंगे।
- बैंक अकाउंट डिटेल लिंक करना जरूरी – राशन कार्ड धारकों को अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट करनी होगी।
- खाद्यान्न पर्ची अनिवार्य – जिनके पास खाद्यान्न पर्ची नहीं है, उन्हें इसे बनवाना होगा।
- परिवार के सदस्य की मौजूदगी अनिवार्य – अब राशन लेने के लिए परिवार का कोई सदस्य खुद मौजूद रहना जरूरी होगा।
- गलत लाभ लेने वालों की पहचान – जो लोग गलत तरीके से राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं, उनके कार्ड कैंसिल किए जाएंगे।
राशन कार्ड KYC क्यों जरूरी है?
सरकार ने KYC को अनिवार्य इसलिए किया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन पात्र है और कौन नहीं। जिन लोगों की KYC पूरी होगी, वे ही राशन कार्ड के लाभ प्राप्त कर पाएंगे। अन्य लोगों के राशन कार्ड को निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
राशन कार्ड के नए नियमों की मुख्य विशेषताएं
- ये नियम सभी राज्यों में लागू होंगे।
- गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ही फायदा मिलेगा।
- गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर रोक लगेगी।
- राशन कार्ड धारकों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।
- सभी नए नियम लाभार्थियों के हित में बनाए गए हैं।
राशन कार्ड धारक अपनी KYC कैसे करें?
यदि आपने अभी तक अपनी KYC पूरी नहीं की है, तो आप निम्नलिखित तरीकों से इसे कर सकते हैं:
- नजदीकी खाद्यान्न विभाग में जाकर KYC करवाएं।
- बायोमेट्रिक तरीके से किसी भी ऑनलाइन कंप्यूटर सेंटर पर जाकर KYC कराएं।
- अपना आधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाएं।
राशन कार्ड बनवाने के लिए पात्रता शर्तें
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक के नाम पर कोई निजी संपत्ति या बड़ा बैंक बैलेंस नहीं होना चाहिए।
- आवेदक गरीबी रेखा (BPL) या उससे नीचे के स्तर का होना चाहिए।
- परिवार का मुखिया होना अनिवार्य है और सरकारी नौकरी में कोई भी सदस्य नहीं होना चाहिए।